
देशभर में सामने आ रहे व्हाइट कॉलर टेरेरिज्म मॉड्यूल यानी डॉक्टरों के आतंक मामलों में पकड़े जाने के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. हाल ही में दिल्ली ब्लास्ट में शामिल मॉड्यूल में डॉक्टरों की संदिग्ध भूमिका ने सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया था. यूपी में डॉ. शाहीन सहित कई गिरफ्तारियों के बाद यूपी पुलिस ने एक्शन तेज कर दिया है. योगी सरकार ने मदरसों पर गहन बैकग्राउंड वेरिफिकेशन प्रोटोकॉल लागू कर दिया है. अब राज्य के सभी मदरसों के मौलाना और छात्रों का पूरा रिकॉर्ड सीधे ATS को सौंपना जरूरी कर दिया गया है.
मदरसों में पढ़ाने पढ़ने वालों की होगी डीप स्कैनिंग
नए सरकारी आदेश के मुताबिक सभी मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त मदरसों को शिक्षकों, मौलानाओं और धार्मिक प्रशिक्षकों की पर्सनल प्रोफाइल, स्थाई पता, आधार विवरण, मोबाइल नंबर और अन्य पहचान पत्र एटीएस को सौंपने होंगे. इतना ही नहीं, मदरसों के सभी छात्रों का बैकग्राउंड डेटा भी अनिवार्य रूप से जमा किया जाएगा.
